भारत के भूतपूर्व राष्ट्रपति स्वर्गीय श्री ज्ञानी जैल सिंह जी देश के प्रमुख राजनीतिक एवं सार्वजनिक जीवन के व्यक्तित्वों में से एक थे। उनका जन्म 5 मई 1916 को पंजाब के फरीदकोट जिले के संधवां गांव में हुआ था। उनका मूल नाम जरनैल सिंह था। बाद में वे ज्ञानी जैल सिंह के नाम से प्रसिद्ध हुए।
श्री ज्ञानी जैल सिंह जी ने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत सामाजिक एवं राजनीतिक गतिविधियों से की और स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान भी सक्रिय रहे। स्वतंत्रता के बाद उन्होंने पंजाब सरकार में विभिन्न महत्वपूर्ण दायित्व संभाले तथा वर्ष 1972 में पंजाब के मुख्यमंत्री बने। इसके बाद वे भारत सरकार में केंद्रीय गृह मंत्री के पद पर भी रहे।
25 जुलाई 1982 को उन्होंने भारत के सातवें राष्ट्रपति के रूप में पदभार ग्रहण किया। राष्ट्रपति के रूप में उन्होंने देश की संवैधानिक व्यवस्था के अनुरूप अपने दायित्वों का निर्वहन किया और विभिन्न राष्ट्रीय परिस्थितियों में देश का प्रतिनिधित्व किया।
सादा जीवन, स्पष्ट वक्तव्य और जनसामान्य से जुड़ाव उनके सार्वजनिक व्यक्तित्व की प्रमुख विशेषताएं मानी जाती थीं। वे समाज के सामान्य वर्गों तथा ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले लोगों के बीच विशेष रूप से लोकप्रिय रहे।
29 नवंबर 1994 को एक सड़क दुर्घटना में उनका निधन हो गया। भारतीय सार्वजनिक जीवन और राष्ट्रपति पद पर उनके योगदान के कारण स्व. ज्ञानी जैल सिंह जी का नाम देश के इतिहास में सदैव स्मरण किया जाता रहेगा।


