Achivements, Functions and Photos
तिलक राज धीमान
प्रदेश उपाध्यक्ष, विश्वकर्मा धीमान समाज हरियाणा
सीनियर वाइस प्रेजीडेंट भारतीय विश्वकर्मा सेवादल, हरियाणा
चीफ सैकेट्री : एंटी करप्शन एण्ड क्राइम प्रीवेंशन (इंडिया)
प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष : राष्ट्रीय गौ सरंक्षक दल हनुमान गढ़ी, अयोध्या
चैयरमैन : श्री महालक्ष्मी रामलीला कमेटी, जगाधरी
जिला अध्यक्ष : सैनेट्री मैन्युफैक्चरर एसोसिएशन, जगाधरी (यमुनानगर)
जगाधरी, यमुनानगर की धरती पर जन्मे तिलक राज धीमान केवल एक नाम नहीं, बल्कि समाजसेवा, नेतृत्व और निस्वार्थ समर्पण की पहचान हैं। उनका जीवन इस बात का उदाहरण है कि यदि सोच सकारात्मक हो और उद्देश्य समाज का कल्याण हो, तो एक व्यक्ति अनेक क्षेत्रों में बदलाव ला सकता है। व्यापारिक क्षेत्र में भी वे एक मजबूत और सम्मानित नेतृत्व के रूप में जाने जाते हैं।
जिला अध्यक्ष : सैनेटरी मैन्युफैक्चरर एसोसिएशन, जगाधरी (यमुनानगर) के रूप में उन्होंने उद्योग से जुड़े लोगों की समस्याओं को उठाया और उनके हितों की रक्षा की।
समाज के कमजोर वर्गों की आवाज़ बनना और संगठन के माध्यम से उन्हें सशक्त करना, तिलक राज धीमान का प्रमुख लक्ष्य रहा है। इसी भावना के साथ वे प्रदेश उपाध्यक्ष, विश्वकर्मा धीमान समाज हरियाणा के पद पर कार्यरत हैं। इस भूमिका में उन्होंने समाज को एकजुट करने, युवाओं को शिक्षा व रोजगार के प्रति जागरूक करने और सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध आवाज़ उठाने का महत्वपूर्ण कार्य किया है।
उनकी नेतृत्व क्षमता का प्रमाण सीनियर वाइस प्रेजीडेंट, भारतीय विश्वकर्मा सेवादल (हरियाणा) के रूप में भी देखने को मिलता है। इस संगठन के माध्यम से उन्होंने सामाजिक सेवा, रक्तदान शिविर, जरूरतमंदों की सहायता और राष्ट्रहित के कार्यों को बढ़ावा दिया। वे मानते हैं कि सेवा का अर्थ केवल मदद करना नहीं, बल्कि लोगों को आत्मनिर्भर बनाना है।
देश में ईमानदारी और कानून व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में भी उनका योगदान उल्लेखनीय है। चीफ सेक्रेटरी : एंटी करप्शन एंड क्राइम प्रिवेंशन (इंडिया) के रूप में वे भ्रष्टाचार और अपराध के खिलाफ जागरूकता फैलाने का कार्य कर रहे हैं। उनका विश्वास है कि जब तक समाज जागरूक नहीं होगा, तब तक बुराइयों को जड़ से खत्म नहीं किया जा सकता।
धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण में भी तिलक राज धीमान की भूमिका सराहनीय है। वे प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष : राष्ट्रीय गौ संरक्षक दल, हनुमान गढ़ी, अयोध्या के पद पर रहते हुए गौ रक्षा और सनातन संस्कृति के संरक्षण के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। उनके लिए धर्म केवल आस्था नहीं, बल्कि सेवा और करुणा का मार्ग है।
सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखने के उद्देश्य से वे चेयरमैन : श्री महालक्ष्मी रामलीला कमेटी, जगाधरी के रूप में वर्षों से रामलीला आयोजन से जुड़े हुए हैं। उनके मार्गदर्शन में यह आयोजन न केवल धार्मिक, बल्कि सामाजिक एकता का प्रतीक बन चुका है।
तिलक राज धीमान का जीवन एक ऐसी प्रेरक कहानी है, जिसमें समाजसेवा, संगठन, संस्कृति और संघर्ष—सब एक साथ चलते हैं। वे आज भी निस्वार्थ भाव से समाज के लिए कार्य कर रहे हैं और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बने हुए हैं।










